धर्म
महाशिवरात्रि से रंगों की होली तक: फाल्गुन मास के सभी प्रमुख व्रत और पर्व, जानें पूरी डेट्स लिस्ट
हिंदू कैलेंडर में फाल्गुन महीना साल का आखिरी और सबसे खास महीना माना जाता है. सनातन धर्म में इसकी अपनी अलग ही रौनक है. इस महीने रंग-बिरंगे त्योहार और सख्त व्रत मनाए जाते हैं. खासकर भगवान श्रीकृष्ण और महादेव की भक्ति का यह सुनहरा समय होता है. चलिए, जानते हैं फाल्गुन के सभी प्रमुख व्रत और पर्वों की लिस्ट.
Magh Purnima2026: माघ पूर्णिमा क्यों है इतनी खास? जानें महत्व, पूजा विधि और धार्मिक मान्यताएं
हिंदू धर्म में पूर्णिमा का दिन खास धार्मिक महत्व रखता है. साल की बारह पूर्णिमाओं में से माघ महीने की पूर्णिमा को बहुत शुभ माना जाता है और इसे माघ पूर्णिमा या माघी पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है. इस दिन संगम में स्नान करने से भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है, पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है.
गणेश जयंती 2026: गणेश चतुर्थी और गणेश जयंती में क्या अंतर है? पूजा से पहले जान लें जरूरी नियम
भगवान गणेश से जुड़े कई त्योहार पूरे साल मनाए जाते हैं, लेकिन गणेश चतुर्थी और गणेश जयंती को सबसे ज़्यादा लोकप्रिय और महत्वपूर्ण माना जाता है.भक्त अक्सर इन दोनों तारीखों को लेकर कन्फ्यूज़ हो जाते हैं.आइए जानते है दोनों में क्या है अंतर .
कौन हैं स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, जिनकी वजह से माघ मेला बन गया तनाव का मैदान?
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती प्रयागराज माघ मेले में संगम स्नान विवाद के केंद्र में हैं, जहां प्रशासन और उनके शिष्यों के बीच टकराव हुआ. वे धर्म, परंपरा और सामाजिक मुद्दों पर मुखर रहते हैं और शंकराचार्य के पद पर विवादित होने के बावजूद अपनी बात बेबाकी से रखते हैं.
शनि का नक्षत्र परिवर्तन 2026: शनि के नक्षत्र परिवर्तन से 3 राशियों पर बढ़ेगी मुश्किलें, मई 2026 तक बरतनी होगी खास सावधानी
शनि देव 20 जनवरी को अपना नक्षत्र बदलने जा रहे हैं, जिसका असर सभी राशियों पर एक जैसा नहीं होगा. ज्योतिष के अनुसार, यह नक्षत्र परिवर्तन कुछ राशियों के लिए चुनौतियां, तनाव और सावधानी का संकेत दे रहा है, जो मई 2026 तक बना रह सकता है.
Magh Gupt Navratri 2026: आज से नौ दिनों की गुप्त साधना, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
माघ गुप्त नवरात्रि 2026 की शुरुआत 19 जनवरी से होकर 27 जनवरी तक चलेगी, जिसमें देवी दुर्गा और दस महाविद्याओं की गुप्त साधना की जाती है. इस दौरान शुभ मुहूर्त में घटस्थापना और विधिपूर्वक पूजा करने से संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.
मोर का पंख क्यों है खास? जानिए किन जन्म तिथियों वालों के लिए है सबसे ज्यादा शुभ
सनातन परंपरा, आध्यात्म और ज्योतिष में मोर के पंख को अत्यंत शुभ और शक्तिशाली प्रतीक माना गया है. यह न सिर्फ भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ा है, बल्कि प्रेम, सौंदर्य और दिव्य ऊर्जा का भी प्रतिनिधित्व करता है. मान्यता है कि मोर पंख नकारात्मक शक्तियों को दूर कर व्यक्ति की आभा और ऊर्जा को संतुलित बनाए रखने में सहायक होता है.